NGT के जुर्माने पर 6 चीफ इंजीनियर, 2 SI, 5 XEN सहित अन्य पर गिरी गाज: फरीदाबाद

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सेफ ओर सिक्योर फरीदाबाद क्राइम न्यूज, दिनांक 14 मई 2019 |राजेश वशिष्ठ के साथ हनीश की रिपोर्ट|
फरीदाबाद: बता दें कि ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा 50 लाख रुपए के जुर्माने से दुखी हरियाणा सरकार ने निगमायुक्त अनीता यादव को नगर निगम अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। सरकार के आदेशों के अनुरूप निगम आयुक्त ने कड़ा रवैया अपनाते हुए निगम के कई अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर दिया है। इनमें 11 वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस , कईयों को चार्जशीट, दो को सस्पेंड व 4 को बर्खास्त किया गया है। निगम आयुक्त अनीता यादव ने इस पूरे मामले की जांच निगम सचिव जितेंद्र दहिया को सौंपी है।
आश्चर्य की बात तो यह है कि जिन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें चार रिटायर्ड चीफ इंजीनियर बी.एस. सिंगरोहा, एन. के. कटारा, ओपी गोयल व अनिल मेहता भी शामिल हैं। इनके साथ साथ दो मौजूदा चीफ इंजीनियर डी.आर.भास्कर(एमसीएफ) व रमन शर्मा (मौजूदा चीफ इंजीनियर करनाल)भी शामिल हैं। इनके अलावा 2 एस.ई. रमेश बंसल रिटायर्ड तथा मौजूदा एस.ई. रामप्रकाश, तथा 5 एक्सईएन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। एक्सईएन स्तरीय इन अधिकारियों में दीपक किंगर, वीरेंद्र कर्दम, प्रेमराज, शाम सिंह तथा आनंद स्वरूप के नाम शामिल हैं।
जबकि मौजूदा एसडीओ विनोद कुमार व सफाई निरीक्षक प्रमोद शर्मा को सस्पैंड किया गया है। इनके साथ साथ एसडीओ सुरेंद्र खट्टर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसी तरह से वरिष्ठ सफाई निरीक्षक चंद्रदत शर्मा रिटायर्ड, गजराज सफाई निरीक्षक रिटायर्ड को चार्जशीट, जेई सुमेर सिंह, जेई अनिल कुमार व टयूबवेल आपरेटर दीपक कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
निगम प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार 13 अधिकारियों की चार्जशीट बनाकर स्थानीय निकाय विभाग हरियाणा को भेजी गई है। इन अधिकारियों की नियुक्ति उक्त विभाग द्वारा की गई है। इसलिए उनके खिलाफ चार्जशीट चंडीगढ से हस्ताक्षर होकर निगम प्रशासन के पास आएगी, जिसे वहां से आने के बाद संबंधित अधिकारियों को जारी किया जाएगा। इन अधिकारियों में रिटायर्ड चीफ इंजीनियर अनिल मेहता, एक्सईएन वीरेंद्र कर्दम, रिटायर्ड एक्सईएन एस के अग्रवाल, रिटायर्ड एक्सईएन प्रीतम चंद, एक्सईएन विजय ढाका, एक्सईएन रवि शर्मा, एसडीओ नवल किशोर, सुरेंद्र खट्र, उम्मेद सिंह, खेमचंद, राजेश शर्मा, शेर सिंह व विनोद कुमार के नाम शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि सैक्टर 48 में सीवर के पानी भरे रहने की वजह से तमाम पेड पौधे नष्ट होने के चलते पार्षद संदीप भारद्वाज ने सहयोगी संस्था के साथ मिलकर एनजीटी में याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने नगर निगम को दोषी माना और उस पर पचास लाख रुपए का जुर्माना किया गया। इस जुर्माने की सजा का ऐलान होने के बाद जब हरियाणा सरकार को इस मामले की जानकारी हुई तो वहां से नगर निगम के उन सभी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए, जोकि उस वक्त उपरोक्त पदों पर विराजमान थे तथा संबंधित वार्ड व सैक्टर में कायर्ररत थे। आरोप है कि लगातार शिकायत मिलने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। सरकार ने निगम आयुक्त को आदेश देकर सभी अधिकारियों पर कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। इन निर्देशों के तहत ही आयुक्त ने मौजूदा व रिटायर हो चुके अधिकारियों पर यह कार्रवाई की है। इनके अलावा ठेके पर नगर निगम में कार्यरत चार जूनियर इंजीनियरों राहुल तेवतिया, संदीप राणा, पुनीत त्यागी व विशाल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।
किसी भी प्रकार की खबर सांझा करने के लिए संपर्क करे; — हनीश भाटिया – चीफ रिपोर्टर: 99990-48330,
राजेश वशिष्ठ उर्फ बिल्लू – ब्यूरो चीफ/प्रेसिडेंट सेफ ओर सिक्योर ग्रुप फरीदाबाद: 88606-11484