NGT की नाराजगी का तुरंत असर, अनीता यादव का तबादला, सोनल गोयल बनीं निगमायुक्त: फरीदाबाद दा स्मार्ट सिटी

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सेफ ओर सिक्योर फरीदाबाद क्राइम न्यूज, दिनांक 14 सितंबर 2019
चंडीगढ़/ फरीदाबाद: बता दे कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों का इतनी तेजी से असर हुआ है कि राज्य सरकार ने नगर निगम फरीदाबाद की कमिश्नर अनीता यादव का शनिवार को तबादला कर दिया। शुक्रवार को ही एनजीटी ने नगर निगम कमिश्नर अनीता यादव की कार्यप्रणाली से खफा होकर हरियाणा की मुख्य सचिव को उनका तबादला करने का सख्त आदेश दिया था। एनजीटी के आदेश अनुसार ही शनिवार को राज्य सरकार ने निगम आयुक्त अनीता यादव का तबादला कर उन्हें हरियाणा टूरिज्म में निदेशक के पद पर भेज दिया है। निगमायुक्त अनीता यादव की कार्यशैली से एनजीटी इतनी खफा थी कि उन्होंने हरियाणा सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि भविष्य में उन्हें कभी भी कमिश्नर जैसे पद पर नियुक्ति ना दी जाए। अनीता यादव को हरियाणा टूरिज्म में निदेशक विकास यादव के स्थान पर तैनाती दी गई है, जबकि उनके स्थान पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण फरीदाबाद में प्रशासक के रूप में कार्य कर रही सोनल गोयल को फरीदाबाद निगमायुक्त के पद पर लगाया गया है। इससे पहले भी सोनल गोयल नगर निगम फरीदाबाद में आयुक्त का पदभार संभाल चुकी हैं। एक बार फिर से उन्हें निगमायुक्त की कुर्सी दी गई है। सोनल गोयल के स्थान पर प्राधिकरण के प्रशासक की जिम्मेदारी फरीदाबाद के डीसी अतुल कुमार को अतिरिक्त तौर पर दी गई है। अतुल कुमार डीसी के साथ साथ हुड्डा प्रशासक और अर्बन एस्टेट के अतिरिक्त निदेशक का कार्यभार भी संभालेंगे। उल्लेखनीय है कि सैक्टर 37 में ग्रीन बेल्ट में बने एक पेट्रोल पंप को लेकर एनजीटी में याचिका दायर की गईथी। इस याचिका की सुनवाई करते हुए ही न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल ,न्यायाधीश के. रामकृष्णन एवं सदस्य डा.नागिन नंदा की खंडपीठ ने निगमायुक्त अनीता यादव की कार्यशैली पर गहरी नाराजगी जताई थी। खंडपीठ ने कहा था कि इससे पहले सैक्टर 48 में सीवर के पानी की वजह से पर्यावरण को खासा नुक्सान हुआ है। जिस वजह से एनजीटी को निगम पर पचास लाख रुपए का जुर्माना तक लगाना पड़ा। इसके बावजूद निगम प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए मुस्तैद नहीं हुआ। एनजीटी ने सैनिक कालोनी सैक्टर 49 में भी सीवर व्यवस्था को दुरूस्त ना करने पर निगम प्रशासन को कठघरे में खड़ा किया था। खंडपीठ ने कहा कि बडख़ल झील को भरने के प्रयासों को भी सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा । इसलिए एनजीटी का मानना है कि निगमायुक्त अनीता यादव सही तरीके से काम नहीं कर रही। एनजीटी ने नाराजगी भरे लहजे में हरियाणा की मुख्य सचिव को आदेश दिए कि तत्काल अनीता यादव को निगमायुक्त के पद से हटाकर किसी काबिल व योगय अधिकारी को नियुक्ति दी जाए। संभवतय एनजीटी की नाराजगी को देखते हुए ही सरकार ने शनिवार को जारी तबादला सूची में निगमायुक्त अनीता यादव को फरीदाबाद से हटाने में ही भलाई समझी। इनके अलावा राज्य सरकार ने चुनाव आचार संहिता लगने से ठीक पहले यह तबादला सूची जारी की है। इस सूची में सात आईएएस और 3 एचसीएस अधिकारियों को इधर से उधर किया है।

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