2006 Faridabad Court Firing Case: मामले में 4 वकीलों को 6 साल की कैद की सजा/ सबूतों के अभाव में 20 लोग बरी/ पार्किंग विवाद में हुई थी फायरिंग

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सेफ ओर सिक्योर फरीदाबाद क्राइम न्यूज, दिनांक 13 मार्च 2020 |राजेश के साथ हनीश|

फरीदाबाद की जिला अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट बार काउंसिल की एनरोलमेंट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ओ.पी. शर्मा, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एल.एन. पाराशर सहित चार वकीलों को छह-छह साल की सजा सुनाई है। अदालत ने इन चारों वकीलों पर 3-3 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश गर्ग ने फरीदाबाद जिला अदालत परिसर में 2006 में हुए गोलीकांड के मामले में जिला बार एसोसिएशन के दो पूर्व प्रधानों सहित चारों वकीलों को दोषी ठहराया गया था। दोषियों में जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान ओपी शर्मा, एल.एन. पाराशर, गौरव शर्मा (ओपी शर्मा के पुत्र) और कैलाश वशिष्ठ शामिल हैं। दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद चारों को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था।
गुरुवार को इनकी सजा पर बहस के दौरान अदालत परिसर में काफी गहमागहमी रही। अदालत परिसर में वकीलों का काफी जमावड़ा हो गया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात किया गया था।
क्या है मामला?
31 मार्च 2006 को वकील राकेश भड़ाना की शिकायत पर फरीदाबाद सेंट्रल थाने में अदालत परिसर में फायरिंग का केस दर्ज हुआ था। राकेश भड़ाना वकील के अलावा इस वक्त नगर निगम पार्षद भी हैं। दर्ज मुकदमे के अनुसार 31 मार्च 2006 को कैंटीन और पार्किंग को लेकर वकीलों के दो गुटों में झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान एक गुट के वकीलों ने गोलीबारी कर दी। वकील राकेश भड़ाना को जांघ में गोली लगी थी। उनकी शिकायत पर 25 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, शस्त्र अधिनियम, साजिश रचने सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले के 25 आरोपियों में से एक की मृत्यु हो चुकी है। बाकी 20 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया था।
सबूतों के अभाव में 20 लोग बरी
इस मामले में फरीदाबाद पुलिस ने कुल 24 लोगों को आरोपित बनाया था, लेकिन 20 लोगों को सबूतों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया है। बता दें कि गोली लगने से वकील राकेश भड़ाना घायल हुए थे। इसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया था।
पार्किंग विवाद में हुई थी फायरिंग
बता दें कि कैंटीन (Canteen) और पार्किंग (Parking) को लेकर 31 मार्च, 2006 को कोर्ट परिसर में झगड़ा हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि फायरिंग शुरू हो गई। इसमें कुछ लोग घायल भी हुए थे।
मामूली विवाद ने ले लिया था फायरिंग का रूप
मिली जानकारी के मुताबिक, कैंटीन के साथ पार्किंग को लेकर विवाद शुरू होने के बाद गरमागरमी शुरू हो गई थी। विवाद शांत होता इससे पहले वकीलों के एक समूह ने फायरिंग शुरू कर दी। इससे वहां पर अफरातफरी का माहौल बन गया।
पहली बार कोर्ट परिसर में हुआ इतना बड़ा विवाद
ऐसे में कोर्ट परिसर में विवाद, मारपीट और गोली चलने की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन 2006 में हुआ गोलीकांड पुलिस सुरक्षा पर भी कई गहरे सवाल खड़े कर गया था।
बता दें कि पिछले साल दिल्ली की तीस हजारी (Tis Hazari Court) कोर्ट में भी पार्किंग के विवाद में वकीलों और पुलिस में इस कदर भिड़ंत हुई थी कई लोग घायल हुए थे, जिसमें वकील और पुलिसकर्मी दोनों शामिल थे। काफी मशक्कत और कोर्ट के दखल के बाद यह मामला शांत हुआ है, लेकिन कई केस अब भी चल रहे हैं।
किसी भी प्रकार की खबर सांझा करने के लिए संपर्क करे; — हनीश भाटिया – चीफ रिपोर्टर: 99990-48330,
राजेश वशिष्ठ उर्फ बिल्लू – ब्यूरो चीफ/प्रेसिडेंट सेफ ओर सिक्योर ग्रुप फरीदाबाद: 88606-11484