मोदी ने दी नवरात्र की शुभ कामना, कहा- सबके अच्छे स्वास्थ्य व सुरक्षा की कामना करूंगा: कोरोना वायरस को काबू करने की कोशिशों में मदद करने वालों को सलाम

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सेफ ओर सिक्योर फरीदाबाद क्राइम न्यूज, दिनांक 25 मार्च 2020 |हनीश|
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को देशभर में मनाए जा रहे उत्सवों के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे इस नवरात्रि में उन लोगों के लिए प्रार्थना करेंगे, जो कोरोना वायरस को काबू करने की कोशिशों में मदद कर रहे हैं।
देश में बुधवार को मनाए जा रहे अधिकतर उत्सव नववर्ष के आरंभ से जुड़े हैं। मोदी ने ट्विटर के माध्यम से लोगों को उगादी, गुड़ी पड़वा, नवरेह और साजिबू चिरोबा के अवसर पर शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम देशभर में विभिन्न उत्सव और हमारे पारंपरिक कैलेंडर के अनुसार नववर्ष का आरंभ मना रहे हैं। ईश्वर करे कि यह पवित्र उत्सव हमारे जीवन में अच्छा स्वास्थ्य, खुशी एवं समृद्धि लेकर आए।
उन्होंने ट्वीट किया कि बुधवार से नवरात्रि शुरू हो रही है। वर्षों से मैं मां की आराधना करता आ रहा हूं। इस बार की साधना मैं मानवता की उपासना करने वाले सभी नर्स, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, पुलिसकर्मी और मीडियाकर्मी, जो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में जुटे हैं, के उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सिद्धि को समर्पित करता हूं।
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चैत्र नवरात्रि पर कोरोना वायरस का साया,घर बैठे ऐसे करें पूजन ,मिलेगा मंदिर के बराबर फल:
दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। भारत में भी इस वायरस के बढ़ते संक्रमण के कई मामले सामने आ रहे हैं। एक तरफ जहां लाकडाउन और कर्फ्यू की स्थिति है वहीं देशभर के शक्तिपीठों के कपाट भी बंद हैं। इसलिए इस बार घर में रह कर माता रानी की अराधना करें।
बुधवार, 25 मार्च से हिन्दू नव संवत 2077 शुरू हो रहा है। इसी के साथ चैत्र मास की नवरात्रि भी शुरू होगी। गुरुवार, 2 अप्रैल को राम नवमी तक नवरात्रि रहेगी। इन दिनों में देवी दुर्गा की पूजा करने की और देवी मंदिरों में दर्शन करने की परंपरा है, लेकिन इस बार कोरोनावायरस की वजह से घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। घट स्थापना का शुभ महूर्त सूर्योदय 6:29 बजे होगा। और द्विस्वभाव मीन लग्न 7:36 बजे तक रहेगा। इस लिए सूर्योदय से 7: 36 बजे तक सर्वश्रेष्ठ महुर्त रहेगा।
इस के अलावा घट स्थापना का शुभ महूर्त चौघड़िए के अनुसार सुबह सूर्योदय से9:31तक लाभ अमृत के चौघड़िए व दिन के 11 से 12 तक शुभ के चौघड़िए में घट स्थापना की जा सकती है। दर्शन करने मंदिर नहीं जा सकते हैं तो घर में ही देवी देवताओं का पूजा कर सकते हैं। नवरात्रि में घर में रहकर भी पूजा पाठ का पूर्ण फल मिलता है। ज्योतिषाचार्य अमित जैन से जानते है घर बैठे कैसे करें पूजा अनुष्ठान
प्रतिदिन सुबह 6 बजे तक स्नान कर लें, एवं पूजा में हर दिन धुले हुए वस्त्रों को ही धारण करें। तांबे के पात्र से सूर्य को जल चढ़ाएं।
सकारात्मक उर्जा को प्रबल के लिये घंटी बजाए
जब घंटी बजाई जाती है तो वातावरण में कंपन पैदा होता है, जो वायुमंडल में काफी दूर तक जाता है। इस कंपन का फायदा यह है कि इसके क्षेत्र में आने वाले सभी कीटाणु व विषाणु आदि नष्ट हो जाते हैं, जिससे आसपास का वातावरण शुद्ध हो जाता है। जब घंटी, थाली व ताली सकारात्मक उर्जा को प्रबल करने के लिए व जागरूक करने के लिए बजाई जाती है। हथेलियों में सभी ग्रह होते है, ताली बजाकर सभी ग्रहों की सकारात्मकता ली जाती है। वहीं देवालयों में घंटी इसलिए बजाई जाती है कि ताकि प्रत्येक मनुष्य के जीवन में सकारात्मकता फैले।
शंख नाद करें
ज्योतिषाचार्य अमित जैन ने बताया कि धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि समुद्र मंथन से 14 रत्नों की प्राप्ति हुई थी, उनमें से एक शंख भी था। माना जाता है कि शंख से घर में सुख-समृद्धि आती है। सांस संबंधी और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों में शंख बजाना बेहद फायदेमंद होता है। क्योंकि शंख बजाने से फेफड़ों की एक्सरसाइज होती है, लेकिन आसपास के क्षेत्र में उत्साह और ऊर्जा बन जाती है। जो किसी भी नेगेटिव एनर्जी या वायरसनुमा दुश्मन से लड़ने के लिए हमारे अंदर चेतना जागृत करती है।
ताली बजाने से ऑक्सीजन का संचार होगा
हमारे शरीर के 29 एक्यूप्रेशर पॉइंटस हमारे हाथों में होते है। प्रेशर पॉइंट को दबाने से संबंधित अंग तक रक्त और ऑक्सीजन का संचार अच्छे से होने लगता है। एक्यूप्रेशर के अनुसार इन सभी दबाव बिंदु को सही तरीके से दबाने का सबसे सहज तरीका है ताली। हथेली पर दबाव तभी अच्छा बनता है जब ताली बजाते हुए हाथ लाल हो जाए, शरीर से पसीना आने लगे। इससे आंतरिक अंगों में ऊर्जा भर जाती है और सभी अंग सही ढंग से कार्य करने लग जाते है।
इन दिनों तक घर का बना हुआ भोग ही माता रानी को अर्पित करना चाहिए, एवं संभव न हो तो दूध व फलों का भोग लगा भी सकते हैं।
नौ दिनों तक माता के बीज मंत्रों, चालीसा, आरती, स्त्रोत आदि जप, पाठ अनिवार्य रूप से करें।दुर्गा सप्तशती या देवी माहात्म्य पारायण , रामायण या अपने इष्ट देव करने, से जीवन में उत्कृष्ट प्रगति, समृद्धि और सफलता मिलती है।
घी का अखण्ड दीपक अवश्य जलाना चाहिए। नित्य हवन में घी ,गूगल,लोभान, कपूर,चावल,शकर जो,तिल मिलाकर हवन करें। कोरोना वायरस से रक्षा के लिए इस दुर्गा बीज मंत्र का करें जप । ऊँ दुं दुर्गाय नम:
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राजेश वशिष्ठ उर्फ बिल्लू – ब्यूरो चीफ/प्रेसिडेंट सेफ ओर सिक्योर ग्रुप फरीदाबाद: 88606-11484