फरीदाबाद के एनआईटी में जल्द ही बड़े पैमाने पर सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया जा सकता है: हाईकोर्ट के सख्त रूख से सरकार में हडक़ंप

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सेफ ओर सिक्योर फरीदाबाद क्राइम न्यूज, दिनांक 22 फरवरी 2020 |हनीश भाटिया की रिपोर्ट|
फरीदाबाद: एनआईटी में जल्द ही बड़े पैमाने पर सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया जा सकता है। इस मामले को लेकर शनिवार को नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों की टीम तैयारी करती हुई दिखाई दी। सीलिंग को लेकर राज्य सरकार को हाईकोर्ट में अपनी ओर से जवाब दायर करना है। हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए सरकार को तलब किया है। हाईकोर्ट के सख्त रूख से सरकार में हडकंप मचा हुआ है। यही वजह रही कि शनिवार को अवकाश वाले दिन भी अधिकारियों ने दफ्तर लगाया और अपनी कार्रवाई को अंजाम तक पहुंचाने की पूरी तैयारी की।
इस अवसर पर प्लानिंग ब्रांच के सीनियर टाऊन प्लानर महीपाल सिंह नरवत, सीनियर आर्किटेक्ट बीएस ढिल्लो, एक्सईन इंफोर्समेंट ओमवीर सिंह, एटीपी जयप्रकाश चंदीला एवं डीए ब्रांच के अधिकारी गिर्राज सिंह ने सीलिंग व हाईकोर्ट में दायर किए जाने वाले जवाब को लेकर पूरी रणनीति तैयार की। इस अवसर पर उन संस्थानों को सीलिंग की कार्रवाई से राहत देने का निर्णय भी लिया गया है, जिन्होंने सीएलयू के लिए अपनी फाईल जमा करके नगर निगम को पूरा शुल्क अदा कर दिया है। इनके अलावा हाईकोर्ट से नगर निगम को दिए गए आदेश अनुसार बाकि संस्थानों को सील किया जा सकता है। करीब ऐसे करीब 40 संस्थान हैं, जिन्हें सील किया जा सकता है। बता दें कि वर्ष 2012 में नगर निगम प्रशासन को शिकायत दी गई थी कि एनआईटी नंबर 1, 2 व 3 नंबर एरिया में बड़ी तेजी से अवैध निर्माण किए जा रहे हैं, जिनसे भविष्य में फरीदाबाद को पार्किंग की समस्या व टे्रफिक जाम का सामना करना पड़ सकता है। पंरतु निगम प्रशासन ने इस शिकायत पर गौर नहीं किया। इसके बाद तमाम निर्माणों की सूची हाईकोर्ट में एक याचिका के तौर पर दाखिल कर दी गई। वर्ष 2012 में दाखिल इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार एवं नगर निगम फरीदाबाद से जवाब तलब किया है। बताया गया है कि जवाब ना देने पर सरकार एवं निगम आयुक्त को अदालत में अवमानना का भी सामना करना पड़ सकता है। इससे निगम प्रशासन में हडकंप मचा हुआ है। हालांकि इस मामले में व्यापारियों ने केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर से भी गुहार लगाई है। श्री गुर्जर ने इस मामले को साकारात्मक तरीके से देखने के लिए निगम प्रशासन को निर्देश दिए हैं। गुर्जर के दखल पर ही अब तक सीलिंग की कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। मगर दूसरी ओर निगम प्रशासन एवं राज्य सरकार को हाईकोर्ट में अपना जवाब दायर करना है। माना जा रहा है कि इस मामले को लेकर निगम प्रशासन कभी भी सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।
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राजेश वशिष्ठ उर्फ बिल्लू – ब्यूरो चीफ/प्रेसिडेंट सेफ ओर सिक्योर ग्रुप फरीदाबाद: 88606-11484