कोरोना का तांडव: लॉकडाउन से दूसरे राज्यों में फंसे हैं यूपी बिहार के सैकड़ों लोग, मदद के लिए लगाई गुहार…

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सेफ ओर सिक्योर फरीदाबाद क्राइम न्यूज, दिनांक 26 मार्च 2020 |हनीश|
नई दिल्ली: कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लिए संपूर्ण देशबंदी की घोषणा की है। लोगों को घरों के अंदर रहने के लिए कहा गया है। मगर दिहाड़ी मजदूरी करने वालों के पास कोई विकल्प नहीं हैं। मंगलवार को हुई घोषणा का सबसे ज्यादा प्रभाव इन्हीं पर पड़ा है। इन लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वह इससे कैसे निपटें। चलिए जानते हैं कि वे किस स्थिति से जूझ रहे हैं।
नोएडा के लेबर चौक में आमतौर पर सैकड़ों आदमी निर्माण मजदूरों के रूप में नौकरी की तलाश में रहते हैं। दिल्ली के इस उपनगरीय क्षेत्र में सड़क के छोटे से चौराहे पर स्थित इस जगह पर बिल्डर श्रमिकों को काम पर रखने के लिए आते हैं। रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान यहां सब शांत पड़ा हुआ था।
थोड़ी दूरी पर कुछ आदमियों का समूह एक कोने पर बैठा हुआ दिखाई दिया। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार जब एक निश्चित दूरी बनाकर उनसे पूछा गया कि क्या लॉकडाउन के कारण उन्हें परेशानी हो रही है तो उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रमेश कुमार ने कहा, ‘मुझे मालूम है कि कोई भी यहां हमें काम देने के लिए नहीं आएगा लेकिन फिर भी हमें संभावना की तलाश में हैं।’
उन्होंने कहा, ‘मुझे रोजाना के 600 रुपये मिलते हैं और मुझे पांच लोगों को खाना खिलाना होता है। कुछ दिनों में हमारे पास मौजूद खाना खत्म हो जाएगा। मुझे कोरोना वायरस के खतरों के बारे में पता है लेकिन मैं अपने बच्चों को भूखा नहीं देख सकता हूं।’ लाखों दिहाड़ी मजदूरों को लगभग इसी स्थिति से निपटना पड़ रहा है।
रिक्शा चालक के तौर पर काम करने वाले किशन लाल, इलाहाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार दिनों से उन्हें एक भी पैसा नहीं मिला है। उन्होंने कहा, अपने परिवार का पेट भरने के लिए मुझे पैसा कमाना पड़ेगा। मैंने सुना है कि सरकार हमें पैसा देगी। हालांकि मुझे नहीं पता कि कब और कैसे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात को राष्ट्र के नाम संबोधन में 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है। जिसका मतलब है कि दिहाड़ी मजदूरों को अगले तीन हफ्तों तक कोई काम नहीं मिलेगा। यानी उनके पास पैसे भी नहीं आएंगे। वहीं कुछ लोगों के पास आने वाले दिनों में खाना खत्म हो जाएगा।
भारत में संक्रमित मरीजों की संख्या 550 से ज्यादा हो चुकी है वहीं 11 लोगों की जान जा चुकी है। बहुत सी राज्य सरकारों जिसमें उत्तर प्रदेश, केरल और दिल्ली ने दिहाड़ी मजदूरों के खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने का वादा किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी लॉकडाउन से प्रभावित होने वाले मजदूरों की मदद का वादा किया है।
लेकिन बहुत सी लॉजिस्टिकल चुनौतियां भी हैं। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के अनुसार, भारत का कम से कम 90 प्रतिशत कार्यबल अनौपचारिक क्षेत्र में कार्यरत है। जिसमें सिक्योरिटी गार्ड, क्लीनर्स, रिक्शा चालक, सड़क पर सामान बेचने वाले, कूड़ा उठाने वाले और घरेलू सहायक शामिल हैं।
इनमें से ज्यादातर लोगों की पेंशन, बीमार होने पर मिलने वाली छुट्टी, भुगतान वाला अवकाश और किसी तरह का बीमा नहीं मिलता है। बहुत से लोगों के पास बैंक खाते नहीं हैं। वे अपनी दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए नकदी पर निर्भर हैं। बहुत से प्रवासी मजदूर हैं। वह विभिन्न राज्यों से काम की तलाश में किसी राज्य में जाते हैं।
दिल्ली में 250 से अधिक श्रमिकों का आंकड़ा
श्रम संसाधन विभाग, बिहार सरकार ने दिल्ली में बिहार के श्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि दिल्ली सरकार और श्रम विभाग से बात कर श्रमिकों के खाने-पीने की व्यवस्था वहीं करे. ताकि लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को दिल्ली में परेशानी नहीं हो. श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक दिल्ली में 250 से अधिक जरूरतमंद श्रमिकों की संख्या है, जो अभी भी दिल्ली में है.
केरल में फंसे बिहारी मजदूरों की व्यवस्था
पीएम द्वारा घोषित लॉॅकडाउन के कारण बिहार के मजदूर जगह-जगह फंसे हुए हैं. केरल के त्रिसूर में पश्चिम चंपारण के 50 मजदूर फंसे हुए हैं. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने बिहार के गृह सचिव से बात कर उनसे मजदूरों के ठहराव व भोजन की उचित व्यवस्था करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि बिहार सरकार से लॉकडाउन के कारण जगह-जगह फंसे मजदूरों की सुरक्षा, ठहराव व भोजन की उचित व्यवस्था की मांग करती है. कई जगह से इस प्रकार की रिपोर्ट आ रही हैं.
बता दें कि बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आनेवाले मरीजों की संख्या छह तक पहुंच गयी है. बुधवार को मरीजों की आयी जांच रिपोर्टें में दो पॉजिटिव हैं. आरएमआरआइ के निदेशक डॉ पीके दास के मुताबिक, बुधवार को 90 संदिग्धों के सैंपलों की जांच रिपोर्टें आयीं. इनमें दो रिपोर्ट पॉजिटिव हैं. डॉ दास ने कहा कि अभी और 38 सैंपलों की जांच हो रही है.
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण पूरा देश 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है. जरूरी सेवाओ‍ं को छोड़ कर सभी चीजों को बंद कर दिया है.
कोरोना संकट के बीच 3.5 करोड़ मजदूरों को वित्तीय सहायता, मोदी सरकार का एलान, सीधे खाते में पहुंचेगा पैसा:
Coronavirus in India: सरकार ने एलान किया है कि असंगठित क्षेत्र में आने वाले मजदूरों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। लेबर वेलफेयर सेस के जरिए जुटाए गए पैसों से मजदूरों की आर्थिक मदद की जाएगी।
कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन लागू कर दिया गया है। कोरोना की वजह से बाजार, नौकरियां और कारोबार बुरी तरह से बंद है। इस समय सबसे ज्यादा चिंता नौकरीपेशा लोगों और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की है। कोरोना के चलते गरीबों को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए सरकार ने एहतियातन कई कदम उठाए हैं।
सरकार ने एलान किया है कि असंगठित क्षेत्र में आने वाले मजदूरों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे। लेबर वेलफेयर सेस के जरिए जुटाए गए पैसों से मजदूरों की आर्थिक मदद की जाएगी। श्रम और रोजगार मंत्राी संतोष गंगवार ने इसका एलान किया। बता दें कि लॉकडाउन से सबसे ज्यादा परेशानी असंगठित क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूरी को हो रही है।
असंगठित क्षेत्र में आने वाले बुनकरों, हथकरघा श्रमिकों, मछुआरों और मछलीपालन करने वालों, ताड़ी निकालने वालों आदि को इसका सीधा लाभ पहुंचेगा। गंगवार के मुताबिक इस फैसले से करीब 3.5 करोड़ मजदूरों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
लेबर वेलफेयर सेस केंद्र की ओर से सभी राज्यों के श्रम कल्याण बोर्डों द्वारा बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर एक्ट 1996 के तहत वसूल किया जाता है। अभी सेस के रूप में सरकारी खजाने में 52000 करोड़ रुपये हैं। मंत्रालय ने इस फंड के इस्तेमाल के लिए एडवाइजरी भी जारी कर दी है।
बता दें कि कंस्ट्रक्शन वर्कर एक्ट 1996 के तहत असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का रजिस्ट्रेशन होता है। यह रजिस्ट्रेशन हर राज्य में कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड के जरिए होता है। इन बोर्ड्स में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीकरण किया जाता है।
उल्लेखनीय है कि कोरोना संक्रमण के 598 केस सामने आ चुके हैं और अबतक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं संक्रमण 25 राज्यों में पहुंचा चुका है। बुधवार को उज्जैन और मदुरै में एक-एक पॉजिटिव मरीज की मौत हुई।
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राजेश वशिष्ठ उर्फ बिल्लू – ब्यूरो चीफ/प्रेसिडेंट सेफ ओर सिक्योर ग्रुप फरीदाबाद: 88606-11484