अन्ना हजारे के समर्थन में शांतिपूर्वक, अहिंसात्मक तरीके से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियो को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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एस एस एफ क्राइम न्यूज दिनांक 30 जनवरी 2019 फरीदाबाद;

अन्ना हजारे के समर्थन में लोकपाल की मांग को लेकर फरीदाबाद के बीके चौक पर धरने पर बैठे समाजसेवीयो को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत के दौरान पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियो की धक्का – मुक्की भी हुई। गिरफ्तार किये गए समाजसेवी अनशनकारी बाबा राम केवल , युवा आगाज़ संस्था के जसवंत पवार और आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण श्योकन्द को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया क्योंकि इनके पास धरना प्रदर्शन की कोई परमिशन नहीं थी। बाद में अनशनकारी बाबा रामकेवल और युवा आगाज़ संस्था के जसवंत पवार को पुलिस ने छोड़ दिया जबकि आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण श्योकन्द को एक मानहानि के मामले में अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया। बताया जाता है की आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण श्योकन्द के खिलाफ बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा ने एक मामले में दो करोड़ की मानहानि का दावा किया हुआ था जिस पर अदालत ने आरटीआई एक्टिविस्ट के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर रखा था और आज इस धरने प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में पुलिस कमिश्नर के प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया उक्त लोग बिना परमिशन के धरना दे रहे थे जबकि धरना देने से पहले शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस से परमिशन लेना आवश्यक होता है. इसी के चलते अनशनकारी बाबा राम केवल , युवा आगाज़ संस्था के जसवंत पवार और आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण श्योकन्द को गिरफ्तार किया गया था जिसमे बाबा राम केवल और जसवंत पवार को छोड़ दिया गया और आरटीआई एक्टिविस्ट वरुण श्योकन्द को मानहानि के एक मुक़दमे में अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के तहत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया।

#सत्याग्रह’ का मूल अर्थ है सत्य के प्रति आग्रह (सत्य अ आग्रह) सत्य को पकड़े रहना और इसके साथ अहिंषा को मानना । अन्याय का सर्वथा विरोध(अन्याय के प्रति विरोध इसका मुख्या वजह था ) करते हुए अन्यायी के प्रति वैरभाव न रखना, सत्याग्रह का मूल लक्षण है। हमें सत्य का पालन करते हुए निर्भयतापूर्वक मृत्य का वरण करना चाहिए और मरते मरते भी जिसके विरुद्ध सत्याग्रह कर रहे हैं, उसके प्रति वैरभाव या क्रोध नहीं करना चाहिए।’